Uncategorized

संसार में दुखी कौन नहीं है, और सुख कैसे मिले?

Sanatan Satya सनातन सत्य

संसार बहुत बड़ा है और सभी जीवों का अपना अपना दुख है। जल में रहने वाले, धरती पर आने तथा आकाश में विचरण करने वाले, जो जीव हैं, सभी को अपना अपना परेशानी है।

हम मानव के अंदर अपनी अपनी परेशानियां हैं। एक बच्चा जन्म लेता है, भूख लगता है, अपना भूख बता नहीं सकता। जब बच्चा रोता है ,तब लोग समझते हैं कि बच्चा भूखा है। बच्चा धीरे-धीरे बड़ा होता, जैसे जैसे बड़ा होता है ,वैसे वैसे उसके सपने बड़े होते जाते हैं। पहले वह छोटी-छोटी खिलौनों से खुश हो जाता था, धीरे धीरे उसे अपने अनुसार बड़े-बड़े खिलौने चाहिए। एक समय ऐसा आता है, क्योंकी सिर्फ खिलौनों से अब कोई सुख नहीं मिलता है।

अब जीवन के वास्तविक सपने देखने लगा है। वह जो ऊंची और अच्छी चीज़ देखता है, वह सब उसे चाहिए। अभी तक उसे यह पता नहीं होता, कि किस ऊंचाई को पाने के लिए…

View original post 568 more words

Categories: Uncategorized

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out /  Change )

Google photo

You are commenting using your Google account. Log Out /  Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out /  Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out /  Change )

Connecting to %s