Uncategorized

प्रेम कैसे करें और प्रेम किससे करें?

Sanatan Satya सनातन सत्य

https://pagead2.googlesyndication.com/pagead/js/adsbygoogle.js

प्रेम कैसे करें, इसे समझने के लिए सर्वप्रथम प्रेम को समझना होगा। प्रेम क्या है और यह कैसे काम करता है। वास्तविक प्रेम कभी किसी का गुलाम नहीं हो सकता। गुलाम अर्थात मजबूरी में किया गया प्रेम, प्रेमी अथवा प्रेमिका अपने प्रेम में एक दूसरे को शरणागत कर सकते हैं। यहां एक बात विचारणीय है, क्या शारीरिक इच्छाओं की पूर्ति करना प्रेम है। यह प्रेम नहीं हो सकता, क्योंकि शारीरिक इच्छाओं की पूर्ति होने के बाद सामने वाले के साथ, पहले वाला आकर्षण नहीं रह जाता। यह बात तो वैसा लग रहा है जैसे, भूखे को कुछ भी अच्छा लगता है, और पेट भरने के बाद स्वादिष्ट से स्वादिष्ट भोजन भी छोटा लगता है । प्रेम भोजन नहीं है, प्रेम किसी आवश्यकता के ऊपर आश्रित रहने वाला तत्व नहीं है।

यह निश्चित है की प्रेम का शुरुआत, आकर्षण अपने प्रेमी के बारे में महान दर्शन सहायक होता है। ऐसी…

View original post 944 more words

Categories: Uncategorized

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out /  Change )

Google photo

You are commenting using your Google account. Log Out /  Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out /  Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out /  Change )

Connecting to %s